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क़ुरआन के ज़रूरी शब्द

203 शब्द · 105 जड़-परिवार · 22 अध्याय · ~60% क़ुरआन

हर बॉक्स में: शब्द → उच्चारण → मतलब। नीचे हरे रंग वाली लाइन = असली क़ुरआन की मिसाल। "अ़ / ‘" = ऐन (गले से)।
अध्याय 1 — जोड़ने वाले शब्द — 1
1. औरहर्फ़ · 'वाह! चाय और बिस्किट' — व = और।
وَ
— और
وَالْعَصْرِ
वल्-अ़स्र — ज़माने की क़सम (103:1)
2. सेहर्फ़ · अंग्रेज़ी 'mine' (खदान) से कोयला निकलता है — मिन = से।
مِن
मिन — से, में से
مِن شَرِّ مَا خَلَقَ
मिन शर्रि मा ख़लक़ — उस चीज़ के शर से जो उसने बनाई (113:2)
3. मेंहर्फ़ · 'फ़ीस' बैंक के अंदर/में जमा होती है — फ़ी = में।
فِي
फ़ी — में, अंदर
إِنَّ الْإِنسَانَ لَفِي خُسْرٍ
इन्नल-इंसान लफ़ी ख़ुस्र — बेशक इंसान घाटे में है (103:2)
4. परहर्फ़ · 'अलार्म' मेज़ पर रखा है — अ़ला = पर।
عَلَى
अ़ला — पर, ऊपर
عَلَىٰ كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ
अ़ला कुल्लि शैइन क़दीर — हर चीज़ पर क़ादिर (आम)
5. बेशकहर्फ़ · 'इतना यक़ीन?' — इन्ना = बेशक, पक्का।
إِنَّ
इन्ना — बेशक, यक़ीनन
إِنَّا أَعْطَيْنَاكَ الْكَوْثَرَ
इन्ना अअ़तैनाकल-कौसर — बेशक हमने तुम्हें कौसर दिया (108:1)
अध्याय 2 — जोड़ने वाले शब्द — 2
6. नहींहर्फ़ · बच्चा 'ला-ला' करके नहीं कहता — ला = नहीं, मत।
لَا
ला — नहीं, मत
لَا إِلَٰهَ إِلَّا اللَّهُ
ला इलाहा इल्लल्लाह — कोई माबूद नहीं अल्लाह के सिवा
7. जो / क्याहर्फ़ · 'माँ पूछती है — क्या किया?' मा = क्या / जो।
مَا
मा — जो / क्या / नहीं
مَا خَلَقَ
मा ख़लक़ — जो उसने बनाया (113:2)
8. के लिएहर्फ़ · 'लि' सीधा 'के लिए' — आवाज़ भी मिलती है।
لِـ
लि — के लिए, को
فَصَلِّ لِرَبِّكَ
फ़-सल्लि लि-रब्बिक — अपने रब के लिए नमाज़ पढ़ो (108:2)
9. से, के ज़रिएहर्फ़ · किसी चीज़ को औज़ार बनाकर — 'क़लम बि' यानी क़लम से।
بِـ
बि — से, के ज़रिए
بِسْمِ اللَّهِ
बिस्मिल्लाह — अल्लाह के नाम से
10. की तरफ़हर्फ़ · 'इला' ≈ 'इधर' — किसी तरफ़ जाना।
إِلَى
इला — की तरफ़, तक
وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ
व इन्ना इलैहि राजिऊ़न — हम उसी की तरफ़ लौटने वाले हैं (2:156)
अध्याय 3 — जोड़ने वाले शब्द — 3
11. जोहर्फ़ · 'अल-लेज़ी' (lazy) वही जो काम नहीं करता — जो।
الَّذِي
अल्लज़ी — जो (मर्द)
الَّذِينَ
अल्लज़ीन — जो (लोग)
الَّذِي خَلَقَ
अल्लज़ी ख़लक़ — वो जिसने पैदा किया (96:1)
12. हर, सबहर्फ़ · 'कुल मिलाकर' — कुल्ल = हर, सब।
كُلّ
कुल्ल — हर, सब
كُلُّ نَفْسٍ ذَائِقَةُ الْمَوْتِ
कुल्लु नफ़्सिन ज़ाइक़तुल-मौत — हर जान मौत चखेगी (3:185)
13. फिरहर्फ़ · 'सुम्म' — रुक कर फिर चलना।
ثُمَّ
सुम्म — फिर, उसके बाद
ثُمَّ كَلَّا سَوْفَ تَعْلَمُونَ
सुम्म कल्ला सौफ़ तअ़लमून — फिर हरगिज़ नहीं! जल्द जान लोगे (102:4)
14. जबहर्फ़ · 'इज़ा' ≈ 'इधर आओ जब बुलाएँ' — जब।
إِذَا
इज़ा — जब
إِذَا جَاءَ نَصْرُ اللَّهِ
इज़ा जा-अ नस्रुल्लाह — जब अल्लाह की मदद आ गई (110:1)
अध्याय 4 — जोड़ने वाले शब्द — 4
15. यक़ीनन, हो चुकाहर्फ़ · 'क़द' (हाइट) बढ़ चुका है — क़द = हो चुका।
قَدْ
क़द — यक़ीनन, हो चुका
قَدْ أَفْلَحَ الْمُؤْمِنُونَ
क़द अफ़्लहल-मुअ्मिनून — बेशक ईमान वाले कामयाब हुए (23:1)
16. नहीं (गुज़रा)हर्फ़ · फ़र्क़: 'ला' = अभी/आगे का 'नहीं, मत'। 'लम' = गुज़रे वक़्त का 'नहीं हुआ'।
لَمْ
लम — नहीं (गुज़रा)
لَمْ يَلِدْ وَلَمْ يُولَدْ
लम यलिद व लम यूलद — न किसी को जना न पैदा हुआ (112:3)
17. के साथहर्फ़ · फ़र्क़: 'बि' = के ज़रिए (औज़ार)। 'मअ़' = संग, साथ मौजूद होना।
مَعَ
मअ़ — के साथ, संग
إِنَّ مَعَ الْعُسْرِ يُسْرًا
इन्ना मअ़ल-उ़स्रि युस्रा — बेशक मुश्किल के साथ आसानी है (94:6)
18. याहर्फ़ · 'औ' ≈ हिंदी 'या' — दो में से एक।
أَوْ
— या
هَٰذَا أَوْ ذَٰلِكَ
हाज़ा औ ज़ालिक — ये या वो
अध्याय 5 — ज़मीर — वो, हम, तू, मैं
19. वो (मर्द)ज़मीर · 'हुव' — वो। सूरह इख़्लास की पहली लाइन में रोज़ आता है।
هُوَ
हुव — वो (मर्द)
قُلْ هُوَ اللَّهُ أَحَدٌ
क़ुल हुवल्लाहु अहद — कह दो: वो अल्लाह एक है (112:1)
20. वो सबज़मीर · हिंदी में 'हम' = we, अरबी में 'हुम' = वो सब। उल्टा!
هُمْ
हुम — वो सब (लोग)
أُولَٰئِكَ هُمُ الْمُفْلِحُونَ
उलाइक हुमुल-मुफ़्लिहून — वही लोग कामयाब हैं (2:5)
21. वो (औरत)ज़मीर · 'हिय' — वो (औरत)। 'हुव' का जोड़ीदार।
هِيَ
हिय — वो (औरत)
قَالَ هِيَ عَصَايَ
क़ाल हिय अ़साय — (मूसा ने) कहा: ये मेरी लाठी है (20:18)
22. तूज़मीर · 'अन्त' में 'त' — तू।
أَنْتَ
अन्त — तू (एक मर्द)
إِنَّكَ أَنتَ الْعَلِيمُ الْحَكِيمُ
इन्नक अन्तल-अ़लीमुल-हकीम — बेशक तू ही सब जानने, हिकमत वाला है (2:32)
23. तुम सबज़मीर · 'अन्तुम' के अंदर 'तुम' छुपा बैठा है।
أَنْتُمْ
अन्तुम — तुम सब
وَأَنتُمُ الْأَعْلَوْنَ
व अन्तुमुल-अअ़लौन — और तुम ही ग़ालिब रहोगे (3:139)
24. हमज़मीर · 'नह्नु' में 'हम' की आवाज़ छुपी है।
نَحْنُ
नह्नु — हम
نَحْنُ نَقُصُّ عَلَيْكَ
नह्नु नक़ुस्सु अ़लैक — हम तुम्हें (क़िस्सा) सुनाते हैं (12:3)
25. मैंज़मीर · 'अन' ≈ 'अपना' — मैं।
أَنَا
अन — मैं
إِنَّنِي أَنَا اللَّهُ
इन्ननी अनल्लाह — बेशक मैं ही अल्लाह हूँ (20:14)
26. वो दोनोंज़मीर · 'हुमा' परिंदा — दो पंख वाला। वो दोनों।
هُمَا
हुमा — वो दोनों
فَلَا تَقُل لَّهُمَا أُفٍّ
फ़ला तक़ुल लहुमा उफ़्फ़ — उन दोनों (माँ-बाप) को 'उफ़' तक मत कहो (17:23)
अध्याय 6 — अल्लाह, रब और इबादत
27. रहम / mercyजड़ का शब्द · आप रोज़ बोलते हो: 'रहम दिल'। अरबी ने बस लहजा बदला है।
الرَّحْمَٰن
अर्रह्मान — सबसे मेहरबान
الرَّحِيم
अर्रहीम — बार-बार रहम वाला
رَحْمَة
रहमह — रहम, मेहरबानी
الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
अर्रह्मानि अर्रहीमि — निहायत मेहरबान, बार-बार रहम वाला (1:3)
28. रब / Lordजड़ का शब्द · 'या रब्ब' बोलते हो ना? बस वही है। एक लफ़्ज़ मुफ़्त!
رَبّ
रब्ब — रब, मालिक
رَبَّنَا
रब्बना — ऐ हमारे रब
رَبِّ الْعَالَمِينَ
रब्बिल-आलमीन — सारे जहानों का रब (1:2)
29. इबादत / worshipजड़ का शब्द · 'अब्दुल्लाह' = अल्लाह का बंदा। नाम में ही मतलब छुपा है।
نَعْبُدُ
नअबुदु — हम इबादत करते हैं
عَبْد
अब्द — बंदा, ग़ुलाम
عِبَادَة
इबादह — इबादत, बंदगी
إِيَّاكَ نَعْبُدُ
इय्याक नअबुदु — सिर्फ़ तेरी इबादत करते हैं (1:5)
30. तारीफ़ / praiseजड़ का शब्द · 'अल्हम्दुलिल्लाह' रोज़ बोलते हो — उसी में हम्द (तारीफ़) है।
الْحَمْد
अल्हम्द — सब तारीफ़
حَمِيد
हमीद — तारीफ़ के लायक़
الْحَمْدُ لِلَّهِ
अल्हम्दु लिल्लाह — सब तारीफ़ अल्लाह के लिए (1:2)
31. माफ़ी / forgiveजड़ का शब्द · 'ग़फ़ूर' नाम वाले से माफ़ी माँगो — नाम का मतलब ही वही है!
غَفُور
ग़फ़ूर — बहुत माफ़ करने वाला
غَفَرَ
ग़फ़र — माफ़ किया
مَغْفِرَة
मग़्फ़िरह — माफ़ी, बख़्शिश
إِنَّ اللَّهَ غَفُورٌ رَّحِيمٌ
इन्नल्लाह ग़फ़ूरुर्रहीम — बेशक अल्लाह बहुत माफ़ करने, रहम वाला है (आम)
32. अमन, ताबेदारी / peaceजड़ का शब्द · सलाम, इस्लाम, मुस्लिम — तीनों एक ही घर के। एक सीखो, तीन मुफ़्त!
سَلَام
सलाम — अमन, सलामती
إِسْلَام
इस्लाम — ख़ुद को अल्लाह के हवाले करना
مُسْلِم
मुस्लिम — हवाले करने वाला
سَلَامٌ عَلَيْكُمْ
सलामुन अलैकुम — तुम पर सलाम (अमन) हो (16:32)
अध्याय 7 — ईमान, इल्म और हिदायत
33. ईमान, अमन / faithजड़ का शब्द · अमान (safety) और ईमान (भरोसा) एक ही जड़। जिस पर भरोसा हो, वही सुकून देता है!
آمَنَ
आमन — ईमान लाया
إِيمَان
ईमान — ईमान, यक़ीन
مُؤْمِن
मुअ्मिन — ईमान वाला
الَّذِينَ آمَنُوا
अल्लज़ीन आमनू — वो लोग जो ईमान लाए (आम)
34. इनकार / disbeliefजड़ का शब्द · किसान बीज को मिट्टी से ढक देता है — उसी को 'कफ़र' कहते हैं। काफ़िर = सच को ढकने वाला!
كَفَرَ
कफ़र — इनकार किया
كَافِر
काफ़िर — इनकार करने वाला
كُفْر
कुफ़्र — इनकार, ना-शुक्री
يَا أَيُّهَا الْكَافِرُونَ
या अय्युहल-काफ़िरून — ऐ इनकार करने वालो (109:1)
35. इल्म / knowledgeजड़ का शब्द · इल्म, आलिम, मालूम — तीनों आप बोलते हो। अरबी ने कुछ नया किया ही नहीं!
عِلْم
इल्म — इल्म, ज्ञान
عَلِيم
अलीम — सब जानने वाला
يَعْلَمُ
यअलमु — वो जानता है
عَالَمِين
आलमीन — सारे जहान
عَلَّمَ الْإِنسَانَ مَا لَمْ يَعْلَمْ
अल्लमल-इंसान मा लम यअलम — इंसान को वो सिखाया जो वो नहीं जानता था (96:5)
36. हिदायत / guidanceजड़ का शब्द · हिदायत रोज़ बोलते हो। आज पता चला मतलब है — रास्ता दिखाना!
هَدَى
हदा — राह दिखाई
هُدًى
हुदा — हिदायत
اهْدِنَا
अह्दिना — हमें राह दिखा
اهْدِنَا الصِّرَاطَ الْمُسْتَقِيمَ
अह्दिनस-सिरातल-मुस्तक़ीम — हमें सीधा रास्ता दिखा (1:6)
अध्याय 8 — दीन, किताब, ज़िक्र, सब्र
37. दीन, बदला / religionजड़ का शब्द · 'दीन-ओ-दुनिया' — एक ही जुमले में दो लफ़्ज़ याद हो गए!
دِين
दीन — दीन, तरीक़ा
يَوْمِ الدِّين
यौमिद-दीन — बदले का दिन
مَالِكِ يَوْمِ الدِّينِ
मालिकि यौमिद-दीन — बदले के दिन का मालिक (1:4)
38. लिखना / bookजड़ का शब्द · किताब, मक्तब, कातिब — तीनों पहले से आते हैं। अरबी ने मेहनत बचा दी!
كِتَاب
किताब — किताब
كَتَبَ
कतब — लिखा, फ़र्ज़ किया
مَكْتُوب
मक्तूब — लिखा हुआ
ذَٰلِكَ الْكِتَابُ لَا رَيْبَ فِيهِ
ज़ालिकल-किताबु ला रैब फ़ीह — ये किताब है, इसमें कोई शक नहीं (2:2)
39. याद / remembranceजड़ का शब्द · 'ज़िक्र करो' = याद करो। 'तज़्किरा' भी वही। दो लफ़्ज़, एक ट्रिक!
ذِكْر
ज़िक्र — याद, नसीहत
ذَكَرَ
ज़कर — याद किया
اذْكُرُوا
उज़्कुरू — याद करो
فَاذْكُرُونِي أَذْكُرْكُمْ
फ़ज़्कुरूनी अज़्कुरकुम — मुझे याद करो, मैं तुम्हें याद करूँगा (2:152)
40. सब्र / patienceजड़ का शब्द · सब्र का मतलब पूछने के लिए भी सब्र चाहिए — पर ये लफ़्ज़ आपको आता ही है!
صَبْر
सब्र — सब्र
صَابِر
साबिर — सब्र वाला
اصْبِرُوا
इस्बिरू — सब्र करो
إِنَّ اللَّهَ مَعَ الصَّابِرِينَ
इन्नल्लाह मअस-साबिरीन — बेशक अल्लाह सब्र वालों के साथ है (2:153)
अध्याय 9 — ज़िंदगी, मौत और दुनिया
41. ज़िंदगी / lifeजड़ का शब्द · 'हयात' शायरी में रोज़ आता है। शायरी सुनते रहो, अरबी सीखते रहो!
حَيَاة
हयाह — ज़िंदगी
حَيّ
हय्य — ज़िंदा
يُحْيِي
युह्यी — ज़िंदा करता है
وَمَا الْحَيَاةُ الدُّنْيَا إِلَّا مَتَاعُ الْغُرُورِ
व मल-हयातुद-दुनिया इल्ला मताउल-ग़ुरूर — दुनिया की ज़िंदगी बस धोके का सामान है (3:185)
42. मौत / deathजड़ का शब्द · मौत और मरहूम — दोनों बोलते हो। यहाँ भी कुछ सीखना ही नहीं!
مَوْت
मौत — मौत
مَاتَ
मात — मर गया
يُمِيتُ
युमीतु — मारता है
كُلُّ نَفْسٍ ذَائِقَةُ الْمَوْتِ
कुल्लु नफ़्सिन ज़ाइक़तुल-मौत — हर जान मौत का मज़ा चखेगी (3:185)
43. जन्नत, छुपा / hiddenजड़ का शब्द · जिन्न छुपा, जन्नत बाग़ में छुपी, और मजनू की अक़्ल छुप गई! तीनों एक जड़ — छुपाना।
جَنَّة
जन्नह — जन्नत, बाग़
جِنّ
जिन्न — जिन्न
مَجْنُون
मजनून — (जिन्न-ज़दा) दीवाना
أَصْحَابُ الْجَنَّةِ
अस्हाबुल-जन्नह — जन्नत वाले (आम)
44. रोशनी · आग / light · fireजड़ का शब्द · नूर रोशनी, नार आग। दोनों जलते हैं — इसलिए एक ही जड़!
نُور
नूर — रोशनी, नूर
نَار
नार — आग, जहन्नम
اللَّهُ نُورُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ
अल्लाहु नूरुस-समावाति वल-अर्द — अल्लाह आसमानों और ज़मीन का नूर है (24:35)
अध्याय 10 — रिज़्क़, अज़ाब, दिन, नफ़्स
45. रिज़्क़ / provisionजड़ का शब्द · रिज़्क़ और रज़्ज़ाक़ पहले से पता है। अब मतलब भी — रोज़ी!
رِزْق
रिज़्क़ — रोज़ी, रिज़्क़
رَزَقَ
रज़क़ — रिज़्क़ दिया
رَازِق
राज़िक़ — रिज़्क़ देने वाला
وَمِمَّا رَزَقْنَاهُمْ يُنفِقُونَ
व मिम्मा रज़क़्नाहुम युन्फ़िक़ून — और जो हमने दिया उसमें से ख़र्च करते हैं (2:3)
46. अज़ाब / punishmentजड़ का शब्द · 'ये traffic तो अज़ाब है!' — रोज़ बोलते हो। एक अरबी लफ़्ज़ मुफ़्त!
عَذَاب
अज़ाब — अज़ाब, सज़ा
عَذَّبَ
अज़्ज़ब — अज़ाब दिया
لَهُمْ عَذَابٌ أَلِيمٌ
लहुम अज़ाबुन अलीम — उनके लिए दर्दनाक अज़ाब है (आम)
47. दिन / dayजड़ का शब्द · यौम-ए-जुमा = जुमे का दिन। हर हफ़्ते ये लफ़्ज़ सामने से गुज़रता है!
يَوْم
यौम — दिन
أَيَّام
अय्याम — दिन (कई)
يَوْمَ الْقِيَامَةِ
यौमल-क़ियामह — क़यामत के दिन (आम)
48. जान, ख़ुद / selfजड़ का शब्द · 'अपने नफ़्स पे कंट्रोल रखो' — रोज़ सुनते हो। नफ़्स = ख़ुद, अपनी जान!
نَفْس
नफ़्स — जान, ख़ुद
أَنْفُس
अन्फ़ुस — जानें (कई)
يَا أَيَّتُهَا النَّفْسُ الْمُطْمَئِنَّةُ
या अय्यतुहन-नफ़्सुल-मुत्मइन्नह — ऐ इत्मीनान वाली जान (89:27)
अध्याय 11 — काम और बात — verbs
49. कहना / to sayजड़ का शब्द · 'क़ौल का पक्का' — जो कहता है वही करता है। क़ौल = कही हुई बात!
قَالَ
क़ाल — उसने कहा
قُلْ
क़ुल — कह दो
يَقُولُ
यक़ूलु — वो कहता है
قَوْل
क़ौल — बात, क़ौल
قُلْ هُوَ اللَّهُ أَحَدٌ
क़ुल हुवल्लाहु अहद — कह दो: वो अल्लाह एक है (112:1)
50. होना / to beजड़ का शब्द · 'कुन फ़यकून' — 'हो जा' और हो गया। सबसे छोटा हुक्म, सबसे बड़ा काम!
كَانَ
काना — वो था
يَكُونُ
यकूनु — वो होता है
كُن
कुन — हो जा
كُن فَيَكُونُ
कुन फ़-यकून — 'हो जा' — और वो हो जाता है (2:117)
51. बनाना / createजड़ का शब्द · ख़ालिक़ (बनाने वाला), मख़्लूक़ (बनी हुई), ख़िल्क़त — एक जड़, तीन लफ़्ज़!
خَلَقَ
ख़लक़ — उसने पैदा किया
خَلْق
ख़ल्क़ — मख़्लूक़, बनावट
خَالِق
ख़ालिक़ — बनाने वाला
خَلَقَ الْإِنسَانَ
ख़लक़ल-इंसान — इंसान को पैदा किया (55:3)
52. काम / deedजड़ का शब्द · 'अमल करो' रोज़ सुनते हो। अमल = काम। 'मुआमला' भी वही से!
عَمِلَ
अमिल — उसने अमल किया
عَمَل
अमल — अमल, काम
يَعْمَلُونَ
यअमलून — वो करते हैं
وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ
व अमिलुस-सालिहात — और नेक अमल किए (103:3)
अध्याय 12 — और verbs — 2
53. उतारना / send downजड़ का शब्द · 'मंज़िल' वही जगह जहाँ आप उतरते हो! नाज़िल = उतारा गया। दोनों साथ याद!
أَنْزَلَ
अन्ज़ल — उतारा, नाज़िल किया
نَزَّلَ
नज़्ज़ल — थोड़ा-थोड़ा उतारा
تَنْزِيل
तन्ज़ील — नाज़िल होना
إِنَّا أَنزَلْنَاهُ فِي لَيْلَةِ الْقَدْرِ
इन्ना अन्ज़ल्नाहु फ़ी लैलतिल-क़द्र — हमने इसे क़द्र की रात में उतारा (97:1)
54. भेजना / messengerजड़ का शब्द · रसूल = भेजा हुआ। रिसालत = भेजने का काम। एक जड़, काम ख़त्म!
رَسُول
रसूल — पैग़म्बर, भेजा गया
أَرْسَلَ
अर्सल — भेजा
رِسَالَة
रिसालह — पैग़ाम
وَمَا أَرْسَلْنَاكَ إِلَّا رَحْمَةً لِّلْعَالَمِينَ
व मा अर्सल्नाक इल्ला रहमतल लिल-आलमीन — हमने तुम्हें सारे जहान के लिए रहमत बनाकर भेजा (21:107)
55. देखना / to seeजड़ का शब्द · 'राय' (opinion) देख कर ही तो बनती है। इसलिए रआ = देखना!
رَأَى
रआ — उसने देखा
يَرَى
यरा — वो देखता है
تَرَ
तर — तू देखे
أَلَمْ تَرَ كَيْفَ فَعَلَ رَبُّكَ
अलम तर कैफ़ फ़अल रब्बुक — क्या तूने नहीं देखा तेरे रब ने क्या किया (105:1)
56. चाहना, चीज़ / thingजड़ का शब्द · 'कोई शय नहीं मिली' — उर्दू में बोलते हो। शय = चीज़, बस!
شَاءَ
शा-अ — उसने चाहा
يَشَاءُ
यशा-उ — वो चाहता है
شَيْء
शय — चीज़
عَلَىٰ كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ
अला कुल्लि शैइन क़दीर — हर चीज़ पर क़ादिर (आम)
अध्याय 13 — सिफ़ात — क़ुदरत, सुनना, देखना
57. क़ुदरत, तक़दीर / powerजड़ का शब्द · क़ुदरत, तक़दीर, क़द्र — तीनों एक जड़। तक़दीर लिखने के लिए भी क़ुदरत चाहिए!
قَدِير
क़दीर — हर चीज़ पर क़ादिर
قَدْر
क़द्र — अंदाज़ा, तक़दीर
قَدَّرَ
क़द्दर — मुक़र्रर किया
فِي لَيْلَةِ الْقَدْرِ
फ़ी लैलतिल-क़द्र — क़द्र की रात में (97:1)
58. सुनना / to hearजड़ का शब्द · डॉक्टर बोलता है 'समाअत चेक कराओ' — यानी सुनने की जाँच। समिअ = सुना!
سَمِيع
समीअ — सब सुनने वाला
سَمِعَ
समिअ — सुना
يَسْمَعُ
यस्मउ — वो सुनता है
إِنَّهُ هُوَ السَّمِيعُ الْعَلِيمُ
इन्नहु हुवस-समीउल-अलीम — बेशक वही सब सुनने, सब जानने वाला है (आम)
59. देखना / sightजड़ का शब्द · 'बसीरत' अंदर की नज़र, 'बसर' बाहर की। दोनों आँखें एक ही जड़ से!
بَصِير
बसीर — सब देखने वाला
أَبْصَرَ
अब्सर — देखा, ग़ौर किया
بَصَر
बसर — नज़र, आँख
إِنَّ اللَّهَ سَمِيعٌ بَصِيرٌ
इन्नल्लाह समीउन बसीर — बेशक अल्लाह सब सुनने, सब देखने वाला है (आम)
60. बड़ा / greatnessजड़ का शब्द · अल्लाहु अक्बर (सबसे बड़ा) और तकब्बुर (घमंड) एक जड़ — जो ख़ुद को बड़ा समझे वही घमंडी!
أَكْبَر
अक्बर — सबसे बड़ा
كَبِير
कबीर — बड़ा
تَكَبَّرَ
तकब्बर — घमंड किया
اللَّهُ أَكْبَرُ
अल्लाहु अक्बर — अल्लाह सबसे बड़ा है
अध्याय 14 — दिल, कामयाबी, हक़, हुक्म
61. दिल, पलटना / heartजड़ का शब्द · 'इन्क़िलाब' = पलट जाना। दिल भी दिन में दस बार पलटता है — इसलिए क़ल्ब!
قَلْب
क़ल्ब — दिल
قُلُوب
क़ुलूब — दिल (कई)
فِي قُلُوبِهِم مَّرَضٌ
फ़ी क़ुलूबिहिम मरद — उनके दिलों में बीमारी है (2:10)
62. कामयाबी / successजड़ का शब्द · अज़ान में रोज़: 'हय्या अलल-फ़लाह' = कामयाबी की तरफ़ आओ। बचपन से कान में है!
أَفْلَحَ
अफ़्लह — कामयाब हुआ
مُفْلِح
मुफ़्लिह — कामयाब
قَدْ أَفْلَحَ مَن زَكَّاهَا
क़द अफ़्लह मन ज़क्काहा — कामयाब हुआ जिसने (नफ़्स) पाक किया (91:9)
63. सच, हक़ / truthजड़ का शब्द · हक़, हक़ीक़त, हुक़ूक़ — तीनों बोलते हो। एक ट्रिक में तीन लफ़्ज़!
حَقّ
हक़्क़ — सच, हक़
حَقِيق
हक़ीक़ — लायक़, सच
وَتَوَاصَوْا بِالْحَقِّ
व तवासौ बिल-हक़्क़ — एक-दूसरे को हक़ की नसीहत की (103:3)
64. हुक्म / commandजड़ का शब्द · 'अमीर' वही जो हुक्म दे। अब किसी अमीर को देखो तो मतलब याद आ जाएगा!
أَمْر
अम्र — हुक्म, मामला
أَمَرَ
अमर — हुक्म दिया
يَأْمُرُ
यअमुरु — हुक्म देता है
كَانَ أَمْرُ اللَّهِ قَدَرًا مَّقْدُورًا
काना अम्रुल्लाहि क़दरम मक़्दूरा — अल्लाह का हुक्म तय-शुदा है (33:38)
अध्याय 15 — अल्लाह और सिफ़ात — बाक़ी
65. अल्लाहहर्फ़ · क़ुरआन का सबसे ज़्यादा आने वाला लफ़्ज़ — 2699 बार! सिर्फ़ इसे पहचान लो, अकेला ~3.5% हो गया।
اللَّه
अल्लाह — अल्लाह
قُلْ هُوَ اللَّهُ أَحَدٌ
क़ुल हुवल्लाहु अहद — कह दो: वो अल्लाह एक है (112:1)
66. हिकमत, फ़ैसला / wisdomजड़ का शब्द · हिकमत, हाकिम, हुकूमत, अदालत का हुक्म — सब यही जड़। एक सीखा, चार मिले!
حَكِيم
हकीम — हिकमत वाला
حُكْم
हुक्म — फ़ैसला, हुक्म
حَكَمَ
हकम — फ़ैसला किया
وَاللَّهُ عَلِيمٌ حَكِيمٌ
वल्लाहु अलीमुन हकीम — अल्लाह सब जानने, हिकमत वाला है (आम)
67. ग़ालिब, इज़्ज़त / mightजड़ का शब्द · 'इज़्ज़त' और 'अज़ीज़' (प्यारा) एक जड़ — ताक़त + इज़्ज़त एक साथ।
عَزِيز
अज़ीज़ — ग़ालिब, इज़्ज़त वाला
عِزَّة
इज़्ज़ह — इज़्ज़त, ताक़त
إِنَّ اللَّهَ عَزِيزٌ حَكِيمٌ
इन्नल्लाह अज़ीज़ुन हकीम — बेशक अल्लाह ग़ालिब, हिकमत वाला है (आम)
68. एक / oneजड़ का शब्द · वाहिद, तौहीद, इत्तेहाद — सबमें 'एक' छुपा है। इत्तेहाद मतलब एक हो जाना!
وَاحِد
वाहिद — एक
أَحَد
अहद — अकेला एक
وَإِلَٰهُكُمْ إِلَٰهٌ وَاحِدٌ
व इलाहुकुम इलाहुन वाहिद — तुम्हारा माबूद एक ही माबूद है (2:163)
अध्याय 16 — सवाल और शब्द — 5
69. कौन / जोहर्फ़ · अंग्रेज़ी 'man' = आदमी → 'कौन आदमी?' — मन = कौन।
مَن
मन — कौन, जो
مَن ذَا الَّذِي يَشْفَعُ
मन ज़ल-लज़ी यश्फ़अ — कौन है जो सिफ़ारिश करे (2:255)
70. अगर / ifहर्फ़ · अंग्रेज़ी 'in case' — इन = अगर।
إِن
इन — अगर
إِن كُنتُمْ صَادِقِينَ
इन कुन्तुम सादिक़ीन — अगर तुम सच्चे हो (2:23)
71. सिवा, मगर / exceptहर्फ़ · कलमा रोज़ पढ़ते हो: 'ला इलाहा इल्ला-ल्लाह' = सिवा अल्लाह के। पहले से याद है!
إِلَّا
इल्ला — सिवा, मगर
لَا إِلَٰهَ إِلَّا اللَّهُ
ला इलाहा इल्लल्लाह — कोई माबूद नहीं सिवा अल्लाह के
72. अगर (काश) / if onlyहर्फ़ · 'लौ' = ऐसा 'अगर' जो हुआ ही नहीं — 'अगर ऐसा होता तो…'
لَوْ
लौ — अगर (जो हुआ नहीं)
لَوْ كَانَ فِيهِمَا آلِهَةٌ
लौ काना फ़ीहिमा आलिहह — अगर उन दोनों में ख़ुदा होते (21:22)
73. से, के बारे में / aboutहर्फ़ · अंग्रेज़ी 'on this topic' — अ़न = के बारे में।
عَن
अ़न — से, के बारे में
عَنِ النَّبَإِ الْعَظِيمِ
अ़निन-नबइल-अ़ज़ीम — उस बड़ी ख़बर के बारे में (78:2)
अध्याय 17 — सवाल और शब्द — 6
74. दरमियान / betweenहर्फ़ · 'बैन-उल-अक़वामी' (international) = क़ौमों के बीच। रोज़ सुनते हो!
بَيْنَ
बैन — बीच, दरमियान
بَيْنَ يَدَيْهِ
बैन यदैह — उसके दोनों हाथों के बीच (सामने) (आम)
75. पास / near, withहर्फ़ · 'इन्द' ≈ 'अंदर/पास' — किसी के पास मौजूद होना।
عِنْدَ
इन्द — के पास
عِندَ رَبِّهِمْ
इन्द रब्बिहिम — अपने रब के पास (3:169)
76. सिवा, दूसरा / other thanहर्फ़ · उर्दू 'ग़ैर' — 'ग़ैर मुमकिन', 'ग़ैर हाज़िर'। रोज़ बोलते हो!
غَيْر
ग़ैर — सिवा, दूसरा
غَيْرِ الْمَغْضُوبِ عَلَيْهِمْ
ग़ैरिल-मग़्दूबि अलैहिम — उनका नहीं जिन पर ग़ज़ब हुआ (1:7)
77. नहीं है / is notहर्फ़ · 'लै-स' बोल कर देखो — 'नहीं-सा' सुनाई देगा। मतलब भी वही — नहीं है!
لَيْسَ
लैस — नहीं है
لَيْسَ كَمِثْلِهِ شَيْءٌ
लैस कमिस्लिही शय — उसके जैसा कोई चीज़ नहीं है (42:11)
78. कैसे / howहर्फ़ · अरबी में रोज़ का जुमला: 'कैफ़ हालुक?' = कैसे हो? किसी अरब से यही बोल देना!
كَيْفَ
कैफ़ — कैसे
أَلَمْ تَرَ كَيْفَ فَعَلَ رَبُّكَ
अलम तर कैफ़ फ़अल रब्बुक — क्या तूने नहीं देखा कैसे किया तेरे रब ने (105:1)
79. तक / untilहर्फ़ · उर्दू 'हत्ता के' — वही लफ़्ज़! मतलब 'तक / यहाँ तक के'।
حَتَّى
हत्ता — तक, यहाँ तक के
حَتَّىٰ مَطْلَعِ الْفَجْرِ
हत्ता मत्लइल-फ़ज्र — फ़ज्र के तुलू तक (97:5)
अध्याय 18 — ज़मीन, आसमान और लोग
80. ज़मीन / earthजड़ का शब्द · 'अर्द' और अंग्रेज़ी 'earth' — आवाज़ कितनी मिलती है!
أَرْض
अर्द — ज़मीन
فِي السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ
फ़िस-समावाति वल-अर्द — आसमानों और ज़मीन में (आम)
81. आसमान, बुलंद / skyजड़ का शब्द · जड़ = बुलंद होना। आसमान बुलंद, और 'इस्म' (नाम) भी बुलंद चीज़ — बि-स्म-इल्लाह!
سَمَاء
समा — आसमान
سَمَاوَات
समावात — आसमान (कई)
اسْم
इस्म — नाम
خَلَقَ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ
ख़लक़स-समावाति वल-अर्द — आसमानों और ज़मीन को बनाया (आम)
82. लोग / mankindजड़ का शब्द · सूरह अन-नास रोज़ पढ़ते हो — नास = लोग।
نَاس
नास — लोग, इंसान
قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ النَّاسِ
क़ुल अऊज़ु बिरब्बिन-नास — कह दो: मैं लोगों के रब की पनाह माँगता हूँ (114:1)
83. इंसान / humanजड़ का शब्द · उर्दू का 'इंसान' — बिलकुल वही लफ़्ज़। कुछ सीखना ही नहीं!
إِنْسَان
इंसान — इंसान
إِنْس
इन्स — इंसान जाति
إِنَّ الْإِنسَانَ لَفِي خُسْرٍ
इन्नल-इंसान लफ़ी ख़ुस्र — बेशक इंसान घाटे में है (103:2)
84. खड़ा होना · क़ौम / stand, peopleजड़ का शब्द · जड़ = खड़ा होना। क़ौम = जो साथ खड़े हों · क़यामत = सब खड़े होंगे · मक़ाम = खड़े होने की जगह!
قَوْم
क़ौम — क़ौम, लोग
قَامَ
क़ाम — खड़ा हुआ
قِيَامَة
क़ियामह — क़यामत
مَقَام
मक़ाम — जगह, मर्तबा
يَوْمَ يَقُومُ النَّاسُ لِرَبِّ الْعَالَمِينَ
यौम यक़ूमुन-नासु लि रब्बिल-आलमीन — जिस दिन लोग जहानों के रब के सामने खड़े होंगे (83:6)
अध्याय 19 — दुनिया, आख़िरत और इबादत
85. दुनिया, क़रीब / worldजड़ का शब्द · जड़ = क़रीब/नीची। दुनिया का मतलब ही है 'सबसे क़रीब वाली ज़िंदगी'!
دُنْيَا
दुनिया — दुनिया
رَبَّنَا آتِنَا فِي الدُّنْيَا حَسَنَةً
रब्बना आतिना फ़िद-दुनिया हसनह — ऐ रब, हमें दुनिया में भलाई दे (2:201)
86. बाद वाला, आख़िरी / lastजड़ का शब्द · उर्दू 'आख़िर', 'आख़िरी', 'ताख़ीर' (देर) — सब 'बाद वाला'।
آخِرَة
आख़िरह — आख़िरत
آخِر
आख़िर — आख़िरी
وَبِالْآخِرَةِ هُمْ يُوقِنُونَ
व बिल-आख़िरति हुम यूक़िनून — और आख़िरत पर उन्हें यक़ीन है (2:4)
87. नमाज़ / prayerजड़ का शब्द · उर्दू 'सलात', 'मुसल्ला' (नमाज़ की जगह) — पहले से पता है।
صَلَاة
सलाह — नमाज़
يُصَلِّي
युसल्ली — नमाज़ पढ़ता है
وَأَقِيمُوا الصَّلَاةَ
व अक़ीमुस-सलाह — और नमाज़ क़ायम करो (2:43)
88. पाक होना, बढ़ना / purifyजड़ का शब्द · जड़ = पाक करना + बढ़ना। इसलिए ज़कात माल को पाक भी करती है और बढ़ाती भी!
زَكَاة
ज़काह — ज़कात
زَكَّى
ज़क्का — पाक किया
قَدْ أَفْلَحَ مَن زَكَّاهَا
क़द अफ़्लह मन ज़क्काहा — कामयाब हुआ जिसने उसे पाक किया (91:9)
89. शैतान / Satanजड़ का शब्द · जड़ का मतलब = दूर होना। शैतान = जो रहमत से दूर हो गया। नाम में ही सज़ा!
شَيْطَان
शैतान — शैतान
أَعُوذُ بِاللَّهِ مِنَ الشَّيْطَانِ الرَّجِيمِ
अऊज़ु बिल्लाहि मिनश-शैतानिर-रजीम — मैं अल्लाह की पनाह माँगता हूँ शैतान मरदूद से
90. मालिक, बादशाहत / kingshipजड़ का शब्द · एक ही जड़: मलक (फ़रिश्ता), मलिक (बादशाह), मुल्क, मालिक। चारों उर्दू में हैं!
مَلَك
मलक — फ़रिश्ता
مَلِك
मलिक — बादशाह
مُلْك
मुल्क — बादशाहत, राज
مَالِك
मालिक — मालिक
مَالِكِ يَوْمِ الدِّينِ
मालिकि यौमिद-दीन — बदले के दिन का मालिक (1:4)
अध्याय 20 — अच्छा और बुरा
91. बेहतर, भलाई / goodजड़ का शब्द · उर्दू 'ख़ैर' — 'ख़ैर हो!', 'ख़ैरियत'। भलाई/बेहतर।
خَيْر
ख़ैर — बेहतर, भलाई
خَيْرٌ مِّنْ أَلْفِ شَهْرٍ
ख़ैरुन मिन अल्फ़ि शह्र — हज़ार महीनों से बेहतर (97:3)
92. ज़ुल्म · अँधेरा / wrong, darknessजड़ का शब्द · जड़ = अँधेरा। ज़ुल्म = चीज़ को सही जगह से हटा देना — यानी अँधेरा। उर्दू 'ज़ुल्मत'!
ظُلْم
ज़ुल्म — ज़ुल्म, ना-इंसाफ़ी
ظَالِم
ज़ालिम — ज़ालिम
ظُلُمَات
ज़ुलुमात — अँधेरे
إِنَّ الشِّرْكَ لَظُلْمٌ عَظِيمٌ
इन्नश-शिर्क लज़ुल्मुन अज़ीम — बेशक शिर्क बड़ा ज़ुल्म है (31:13)
93. झूठ / lieजड़ का शब्द · उर्दू 'किज़्ब', 'काज़िब' (झूठा) — झूठ।
كَذَّبَ
कज़्ज़ब — झुटलाया
كَاذِب
काज़िब — झूठा
كَذِب
कज़िब — झूठ
فَبِأَيِّ آلَاءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़्ज़िबान — अपने रब की कौन सी नेमत झुटलाओगे (55:13)
94. सच / truthजड़ का शब्द · उर्दू 'सादिक़' (सच्चा), 'तस्दीक़' (confirm), 'सदक़ा' — सब सच से बने।
صَادِق
सादिक़ — सच्चा
صِدْق
सिद्क़ — सच
صَدَقَة
सदक़ह — सदक़ा
إِن كُنتُمْ صَادِقِينَ
इन कुन्तुम सादिक़ीन — अगर तुम सच्चे हो (2:23)
95. बदला, मज़दूरी / rewardजड़ का शब्द · उर्दू 'उज्रत' (मज़दूरी), 'अज्र' — काम का बदला।
أَجْر
अज्र — अज्र, बदला
لَهُمْ أَجْرٌ غَيْرُ مَمْنُونٍ
लहुम अज्रुन ग़ैरु ममनून — उनके लिए बिना कमी का अज्र है (41:8)
अध्याय 21 — और verbs — 3
96. बनाना, रख देना / to makeजड़ का शब्द · 'जअल' = बना कर रख देना। सोचो 'जाल बिछाना' = रख देना।
جَعَلَ
जअल — बनाया, रखा
يَجْعَلُ
यज्अलु — बनाता है
وَجَعَلْنَا اللَّيْلَ لِبَاسًا
व जअल्नल-लैल लिबासा — और हमने रात को लिबास बनाया (78:10)
97. आना / to comeजड़ का शब्द · 'जा-अ' ≈ हिंदी 'आ जा' — आना!
جَاءَ
जा-अ — आया
يَجِيءُ
यजी-उ — आता है
إِذَا جَاءَ نَصْرُ اللَّهِ
इज़ा जा-अ नस्रुल्लाह — जब अल्लाह की मदद आ गई (110:1)
98. लेना, पकड़ना / to takeजड़ का शब्द · उर्दू 'मुआख़ज़ा' (पकड़, जवाब-तलबी) — लेना/पकड़ना।
أَخَذَ
अख़ज़ — लिया, पकड़ा
يَأْخُذُ
यअख़ुज़ु — लेता है
لَا تَأْخُذُهُ سِنَةٌ وَلَا نَوْمٌ
ला तअख़ुज़ुहु सिनतुन व ला नौम — उसे न ऊँघ पकड़ती है न नींद (2:255)
99. रास्ता / pathजड़ का शब्द · 'फ़ी सबीलिल्लाह' रोज़ सुनते हो = अल्लाह के रास्ते में। लफ़्ज़ पहले से याद!
سَبِيل
सबील — रास्ता
فِي سَبِيلِ اللَّهِ
फ़ी सबीलिल्लाह — अल्लाह के रास्ते में (आम)
100. मदद / help, victoryजड़ का शब्द · उर्दू 'नुसरत', 'अंसार' (मददगार), नाम 'नासिर' — सब मदद।
نَصْر
नस्र — मदद, फ़तह
نَصَرَ
नसर — मदद की
نَاصِر
नासिर — मददगार
إِذَا جَاءَ نَصْرُ اللَّهِ وَالْفَتْحُ
इज़ा जा-अ नस्रुल्लाहि वल-फ़त्ह — जब अल्लाह की मदद और फ़तह आ गई (110:1)
अध्याय 22 — क़ुदरत की निशानियाँ
101. रात / nightजड़ का शब्द · 'लैल' ≈ लैला — रात जैसी काली। रात!
لَيْل
लैल — रात
وَاللَّيْلِ إِذَا سَجَىٰ
वल-लैलि इज़ा सजा — रात की क़सम जब छा जाए (93:2)
102. दिन · नदी / day, riverजड़ का शब्द · एक ही जड़ = बहना। नहार = दिन (रोशनी बहती है), नह्र = नदी (पानी बहता है)!
نَهَار
नहार — दिन
نَهْر
नह्र — नदी
وَاخْتِلَافِ اللَّيْلِ وَالنَّهَارِ
वख़्तिलाफ़िल-लैलि वन-नहार — रात और दिन के बदलने में (2:164)
103. पानी / waterजड़ का शब्द · 'मा' = पानी। सोचो 'marine' (समुंदर वाला) — पानी।
مَاء
मा — पानी
وَجَعَلْنَا مِنَ الْمَاءِ كُلَّ شَيْءٍ حَيٍّ
व जअल्ना मिनल-माइ कुल्ल शैइन हय्य — हमने पानी से हर ज़िंदा चीज़ बनाई (21:30)
104. हाथ / handजड़ का शब्द · उर्दू 'यद-ए-बैज़ा', 'दस्त-ओ-यद' — हाथ।
يَد
यद — हाथ
بَيْنَ يَدَيْهِ
बैन यदैह — उसके हाथों के सामने (आम)
105. चेहरा, रुख़ / faceजड़ का शब्द · उर्दू 'वजह' (reason) और 'तवज्जुह' (ध्यान = रुख़ करना) — चेहरा/रुख़।
وَجْه
वज्ह — चेहरा, रुख़
وِجْهَة
विज्हह — रुख़, तरफ़
كُلُّ شَيْءٍ هَالِكٌ إِلَّا وَجْهَهُ
कुल्लु शैइन हालिकुन इल्ला वज्हह — हर चीज़ फ़ना है सिवा उसके चेहरे के (28:88)

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